शब्द-रूप
लिंग
पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्दों को पहचानो, लिंग बदलकर सही रूप बनाओ, और वाक्य में क्रिया को उसके अनुसार मिलाओ।
शब्द के जिस रूप से पता चले कि वह पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का, उसे लिंग कहते हैं। हिंदी में दो लिंग हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। 'लड़का' पुल्लिंग है, 'लड़की' स्त्रीलिंग।
निर्जीव चीज़ों का भी लिंग होता है
हिंदी में केवल प्राणियों का नहीं, हर संज्ञा का लिंग होता है — भले ही उसमें कोई जाति न हो। 'कमल', 'घर' और 'पानी' पुल्लिंग हैं; 'पुस्तक', 'रोटी' और 'मिठाई' स्त्रीलिंग। इनका लिंग रटा नहीं जाता, वाक्य में क्रिया से पहचाना जाता है: "पुस्तक मेज़ पर रखी है", "कमल तालाब में खिला है"।
लिंग बदलने के कुछ ढंग
'आ' की जगह 'ई' — लड़का से लड़की, घोड़ा से घोड़ी। 'नी' या 'इनी' जोड़कर — मोर से मोरनी, शेर से शेरनी। 'इका' जोड़कर — शिक्षक से शिक्षिका, लेखक से लेखिका। और कुछ जोड़े बिलकुल अलग शब्द हैं, जिनका कोई नियम नहीं — राजा से रानी, पिता से माता, नर से नारी।
क्रिया लिंग के साथ बदलती है
"लड़का गया" और "लड़की गई" — काम वही है, पर क्रिया का रूप बदल गया। इसीलिए वाक्य में लिंग की भूल सबसे पहले क्रिया में पकड़ी जाती है, संज्ञा में नहीं।
Worked example
'शेर' का स्त्रीलिंग बनाकर देखो।
देखो कि शब्द किस ढंग में आता है — यह प्राणी का नाम है और व्यंजन पर समाप्त होता है।
ऐसे कई शब्दों में अंत में 'नी' जुड़ता है।
Try it together
अब तीन शब्दों का लिंग मिलकर बदलते हैं।
हर बार शब्द दिया है। उसका दूसरे लिंग वाला रूप पूरा लिखो।
1."घोड़ा" का स्त्रीलिंग रूप लिखो।
Have a go
"शिक्षक" का स्त्रीलिंग रूप कौन-सा है?
Ready to practise?
Eight questions on what you have just read. Nothing is timed, and you can play as many times as you like.