वर्ण और वर्तनी

वर्ण और मात्रा

स्वर और व्यंजन को पहचानो, और शब्द में लगी मात्रा को पहचानकर सही शब्द बनाओ।

बोलते समय हमारे मुँह से जो सबसे छोटी ध्वनि निकलती है, उसे वर्ण कहते हैं। इन्हीं वर्णों को जोड़कर शब्द बनते हैं — क, म और ल को जोड़ो तो कमल बन जाता है।

स्वर और व्यंजन

स्वर वे वर्ण हैं जो अपने आप, बिना किसी दूसरे वर्ण की मदद के बोले जाते हैं — अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ। व्यंजन अकेले नहीं बोले जाते; उन्हें बोलने के लिए किसी स्वर का सहारा चाहिए — क, ख, ग, च, छ, ज और बाकी सब।

मात्रा क्या है

जब कोई स्वर किसी व्यंजन के साथ जुड़ता है, तो वह अपना पूरा रूप छोड़कर एक छोटा चिह्न बन जाता है। इसी चिह्न को मात्रा कहते हैं। क + आ = का, क + इ = कि, क + ई = की, क + उ = कु, क + ए = के। 'अ' की कोई मात्रा नहीं होती — वह हर व्यंजन में पहले से छिपी रहती है, इसीलिए हम 'क' लिखते हैं और 'क् + अ' नहीं।

मात्रा बदल दो तो शब्द भी बदल जाता है, और कभी-कभी उसका अर्थ भी। इसीलिए मात्रा को सजावट समझकर छोड़ देना सबसे बड़ी भूल है — वह शब्द का हिस्सा है, ठीक वैसे ही जैसे कोई और वर्ण।

Worked example

'कम' में मात्रा जोड़कर देखो कि शब्द कैसे बदलता है।

  1. 'क' पर 'आ' की मात्रा लगाओ — कम से काम।

    पहला वर्ण लंबा हो गया, और अर्थ भी बदल गया: 'कम' यानी थोड़ा, 'काम' यानी कार्य।

Try it together

अब कुछ शब्द मिलकर बनाते हैं।

हर बार बताए गए वर्ण और मात्रा को जोड़कर पूरा शब्द लिखो।

    1.'न' पर 'अ' रहने दो और अंत के 'द' पर 'ई' की मात्रा लगाओ — कौन-सी बहती हुई चीज़ का नाम बना? (न + द + ी)

    Have a go

    इनमें से कौन-सा स्वर है?

    Ready to practise?

    Eight questions on what you have just read. Nothing is timed, and you can play as many times as you like.

    Print a worksheet