वर्ण और वर्तनी

शुद्ध वर्तनी

अशुद्ध लिखे हुए शब्द को पहचानो और उसे शुद्ध वर्तनी में लिखो।

वर्तनी का अर्थ है — शब्द को लिखने का सही तरीका। हिंदी में शब्द जैसा बोला जाता है लगभग वैसा ही लिखा जाता है, इसलिए ज़्यादातर भूलें एक ही जगह होती हैं: मात्रा छोटी की जगह बड़ी लग जाना, या बिंदी अपनी जगह से हट जाना।

छोटी और बड़ी मात्रा

'इ' और 'ई' अलग ध्वनियाँ हैं, और 'उ' तथा 'ऊ' भी। 'बिमारी' और 'बीमारी' दो अलग लिखावटें हैं, जिनमें से केवल एक शुद्ध है। शब्द को ज़ोर से, धीरे-धीरे बोलो — जहाँ ध्वनि खिंचती है, वहाँ बड़ी मात्रा लगती है।

नुक़्ते वाले वर्ण

कुछ वर्णों के नीचे एक बिंदी लगती है और वे बिलकुल नई ध्वनि बन जाते हैं — ड और ड़, ज और ज़, फ और फ़। 'बडा' और 'बड़ा' एक शब्द नहीं हैं। बिंदी छोड़ देना उतनी ही बड़ी भूल है जितनी कोई वर्ण छोड़ देना।

जहाँ दोनों रूप शुद्ध हैं

नाक से निकलने वाली ध्वनि के लिए हिंदी में दो चिह्न चलते हैं — चंद्रबिंदु और अनुस्वार। 'महँगा' और 'महंगा', 'गाँव' और 'गांव' — दोनों ही रूप छपते हैं और दोनों शुद्ध माने जाते हैं। यहाँ किसी एक को अशुद्ध कहना ग़लत होगा।

Worked example

'दुसरा' को शुद्ध करके देखो।

  1. शब्द को धीरे-धीरे बोलो: दू-स-रा।

    पहली ध्वनि खिंच रही है, इसलिए वहाँ छोटी मात्रा नहीं बैठेगी।

Try it together

अब तीन शब्द मिलकर सुधारते हैं।

हर बार अशुद्ध शब्द दिया है। उसे शुद्ध करके पूरा लिखो।

    1.अशुद्ध: "पत्नि" — इसे शुद्ध करके लिखो।

    Have a go

    इनमें से कौन-सा शब्द शुद्ध है?

    Ready to practise?

    Eight questions on what you have just read. Nothing is timed, and you can play as many times as you like.

    Print a worksheet