शब्द-भंडार

लोकोक्तियाँ

लोकोक्ति का अर्थ समझो, उसे मुहावरे से अलग पहचानो, और हर लोकोक्ति को उस मौक़े से मिलाओ जहाँ वह ठीक बैठती है।

"अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।" — यह पूरा वाक्य है और अपने आप में एक सीख देता है: समय निकल जाने के बाद पछताने से कुछ नहीं होता। लोक में कही-सुनी जाने वाली ऐसी सीख भरी उक्ति को लोकोक्ति या कहावत कहते हैं।

लोकोक्ति और मुहावरा — भेद क्या है

मुहावरा वाक्य का एक हिस्सा होता है और अकेले पूरी बात नहीं कहता — 'आँखों का तारा' सुनकर पूछना पड़ता है, किसका तारा? उसे वाक्य में जोड़ना पड़ता है, और क्रिया के साथ उसका रूप भी बदलता है। लोकोक्ति अपने आप में पूरा वाक्य है, कोई सीख देती है, और उसका रूप हर बार वही रहता है — उसमें एक शब्द भी बदला नहीं जाता।

कुछ लोकोक्तियाँ और उनका अर्थ

नाच न जाने आँगन टेढ़ा — अपनी कमी छिपाने के लिए दूसरों पर दोष डालना। एक पंथ दो काज — एक ही काम से दो लाभ। थोथा चना बाजे घना — जिसमें गुण कम हो वह दिखावा ज़्यादा करता है। दूर के ढोल सुहावने — दूर की चीज़ें अच्छी लगती हैं। खोदा पहाड़ निकली चुहिया — बहुत मेहनत का बहुत थोड़ा फल। काला अक्षर भैंस बराबर — बिलकुल अनपढ़ होना।

प्रयोग का नियम

लोकोक्ति वाक्य के बाद अलग से रखी जाती है, उसके भीतर घुलती नहीं। "उसने पूरा दिन खोदाई की और मिली एक छोटी अँगूठी — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।" इसमें कहावत पूरी और जैसी की तैसी आई। उसे तोड़कर 'उसने पहाड़ खोदा' लिख देने से वह कहावत नहीं रहती, साधारण वाक्य बन जाती है।

Worked example

इस मौक़े के लिए ठीक लोकोक्ति चुनो: राहुल पढ़ा कम था, पर सबके आगे बड़ी-बड़ी बातें करता था।

  1. पहले मौक़े की मुख्य बात पकड़ो — गुण कम, दिखावा ज़्यादा।

    लोकोक्ति मौक़े से मिलाई जाती है, शब्दों से नहीं — इसलिए पहले मौक़े को एक वाक्य में कहना पड़ता है।

Try it together

अब तीन लोकोक्तियाँ मिलकर पूरी करते हैं।

हर बार एक ही शब्द या एक नाम पूछा जाएगा। उसे उसी रूप में लिखो जिस रूप में वह कहावत में आता है।

    1.इस कहावत का छूटा शब्द लिखो: "नाच न जाने ___ टेढ़ा।"

    Have a go

    "खोदा पहाड़ निकली चुहिया" का अर्थ क्या है?

    Ready to practise?

    Eight questions on what you have just read. Nothing is timed, and you can play as many times as you like.

    Print a worksheet