Class 7 Hindi — लोकोक्तियाँ
लोकोक्ति का अर्थ समझो, उसे मुहावरे से अलग पहचानो, और हर लोकोक्ति को उस मौक़े से मिलाओ जहाँ वह ठीक बैठती है।
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1."काला अक्षर भैंस बराबर" किसके लिए कहा जाता है?
- a) जो बहुत पढ़ा-लिखा हो
- b) जो काले रंग से लिखता हो
- c) जो बिलकुल पढ़ा-लिखा न हो
- d) जिसके पास भैंस हो
2."अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत" — यह कहावत किस मौक़े पर कही जाएगी?
- a) जब कोई समय से पहले काम पूरा कर ले
- b) जब किसी की फ़सल अच्छी हो
- c) जब कोई खेत में पक्षी उड़ाए
- d) जब समय निकल जाने के बाद कोई अफ़सोस करे
3."बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद" किसके लिए कहा जाता है?
- a) जो बहुत चंचल और नटखट हो
- b) जो किसी अच्छी चीज़ की परख न रखता हो
- c) जो हर चीज़ की परख रखता हो
- d) जिसे अदरक का स्वाद कड़वा लगता हो
4."आँखों का तारा" जैसी उक्ति, जो अपने आप में पूरी बात नहीं कहती और वाक्य में जोड़नी पड़ती है, उसे क्या कहते हैं?
5.इन घटनाओं को उसी क्रम में लगाओ जिस क्रम में ये हुईं। अंत में जो कहावत बैठती है, वह भी अपनी जगह पर आएगी।
- पिताजी हँसकर बोले — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
- शाम तक वहाँ एक गहरा गड्ढा बन गया।
- मोहन ने पूरे दिन आँगन की ज़मीन खोदी।
- गड्ढे में से केवल एक टूटी हँसिया निकली।
6.किस वाक्य में लोकोक्ति का प्रयोग सही हुआ है?
- a) उसका पहाड़ खोदा गया और चुहिया मिल गई।
- b) उसने बहुत मेहनत की और थोड़ा-सा फल मिला — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
- c) पहाड़ खोदने पर चुहिया निकलती है, ऐसा उसने कहा।
- d) उसने खोदा पहाड़ और निकली चुहिया थी।
7."न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी" — इस कहावत का अर्थ क्या है?
- a) जितना तेल हो उतना ही अच्छा नाच होता है
- b) ऐसी शर्त रखना जो पूरी ही न हो सके, ताकि काम करना ही न पड़े
- c) राधा को नाचना पसंद नहीं था
- d) तेल और नाच, दोनों महँगे पड़ते हैं
8.हर लोकोक्ति को उसके अर्थ से जोड़ो।
- अंधों में काना राजा
- जिसकी लाठी उसकी भैंस
- घर का भेदी लंका ढाए
- अपनी करनी पार उतरनी
- भेद जानने वाला अपनी ही सबसे बड़ी हानि करता है
- जिसमें शक्ति हो, अधिकार भी उसी का
- अपने किए का फल स्वयं ही भोगना पड़ता है
- अयोग्य लोगों के बीच थोड़ी योग्यता भी बड़ी लगती है
उत्तर कुंजी — Class 7 Hindi — लोकोक्तियाँ
- 1. c) जो बिलकुल पढ़ा-लिखा न हो
- 2. d) जब समय निकल जाने के बाद कोई अफ़सोस करे
- 3. b) जो किसी अच्छी चीज़ की परख न रखता हो
- 4. मुहावरा
- 5. 1. मोहन ने पूरे दिन आँगन की ज़मीन खोदी। 2. शाम तक वहाँ एक गहरा गड्ढा बन गया। 3. गड्ढे में से केवल एक टूटी हँसिया निकली। 4. पिताजी हँसकर बोले — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
- 6. b) उसने बहुत मेहनत की और थोड़ा-सा फल मिला — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
- 7. b) ऐसी शर्त रखना जो पूरी ही न हो सके, ताकि काम करना ही न पड़े
- 8. अंधों में काना राजा → अयोग्य लोगों के बीच थोड़ी योग्यता भी बड़ी लगती है; जिसकी लाठी उसकी भैंस → जिसमें शक्ति हो, अधिकार भी उसी का; घर का भेदी लंका ढाए → भेद जानने वाला अपनी ही सबसे बड़ी हानि करता है; अपनी करनी पार उतरनी → अपने किए का फल स्वयं ही भोगना पड़ता है